क्या आपफेसबुक, ओर्कुट और मायस्पेसजैसी सोश्यल नेटवर्किंग साइटों को एक खुली किताब की तरह मानते हैं? क्या आपको लगता है कि आपके द्वारा पोस्ट की गई हर जानकारी मात्र आपके मित्रों तक ही पहुँच रही है? तो एक बार फिर सोचिए.
सोश्यल नेटवर्किंग साइटें "गुप्त" नहीं होती है. ये खुली किताब की तरह हो सकती है परंतु उनके लिए जो लोगों की जानकारियाँ चुराना चाहते हैं. सोश्यल नेटवर्किंग साइटों पर अपनी प्रोफाइल बनाते समय अत्यंत निजी जानकारियों को गुप्त ही रखना हित होता है. एक साइबर विशेषज्ञ डेव वाईटलेग ने फेसबुक पर पोस्ट ना करने जैसी 10 जानकारियों के बारे में लिखा है. उनमें से हमने चुनी ऐसी 7 जानकारियाँ जो वाकई में गुप्त रखी जानी चाहिए.
जन्मस्थान और जन्मतिथि - फेसबुक तथा अन्य सोश्यल नेटवर्किंग साइटों पर प्रोफाइल बनाते समय यह जानकारी नहीं लिखनी चाहिए. क्योंकि अमूमन हम ईमेल खातों को बनाते समय गुप्त प्रश्न के जवाब में अपना जन्मस्थान ही चुनते हैं. इस तरह से अपने जन्मस्थान की जानकारी सार्वजनिक कर देने से आप ओनलाइन चोरी का शिकार हो सकते हैं.
अपनी माँ का नाम - अपनी परिवार के सदस्यों की जानकारी हो सके तो ना भरें. विशेष रूप से माँ का नाम, क्योंकि ईमेल खातों तथा अन्य स्थानों पर गुप्त प्रश्न बनाते समय जो एक सवाल आपसे पूछा जाता है वह यह भी होता है.
अपना पता - अपना वास्तविक पता सार्वजनिक ना करें. क्योंकि आप नहीं जानते कि कौन आपकी जानकारियाँ पढ रहाहै.
निजी तस्वीरें पोस्ट ना करें - अपने बच्चों की तथा अपने परिवार के निजी कार्यक्रमों की तस्वीरें पोस्टना करें (फेसबुक जैसी साइट पर आप अपने एल्बम को मात्र मित्रों के साथ साझा कर सकते हैं). हितावह यह है कि आप पिकासा या फ्लिकर जैसी साइटों पर तस्वीरें अपलोड करें जहाँ आप अपने फोल्डर को "प्राइवेट" रख सकते हैं (हालाँकि यह भी एकदम सुरक्षित तो नहीं है).
अपनी छुट्टी की जानकारी - फेसबुक जैसी साइट पर आप छुट्टियों में कितनेदिन शहर से बाहर जा रहे हैं और इस बीचघर पर कोई होगा कि नहीं यह जानकारी सार्वजनिक ना करें.
अभद्र भाषा - सोश्यल नेटवर्किंग साइटों पर किसी पर भी आरोप ना लगाएँ, अभद्र भाषा का उपयोग ना करें और मजाक में ही सही परंतु अपने किसी भी मित्र की तस्वीर पोस्ट ना करें. यह सब कानूनी रूप से आप के खिलाफ जा सकता है. स्विकारोक्ति - किसी बात को लेकर ग्लानी का अनुभव कर रहे हैं और लोगों के सामने उसे कबूल करना चाहते हैं?
सोश्यल नेटवर्किंग साइटें वह स्थान नहीं है. अपनी निजी बातों को इस तरह की साइटों पर ना लिखें. ये कुछ ऐसी बातें हैं जो आम तौर पर हमारे ध्यान से बाहर चली जाती है और इससे हमारी गोपनियता भंग हो सकती है. ध्यान रखिए सोश्यल नेटवर्किंग साइटें अपने मित्रों और परिवार के सदस्यों के साथ सम्पर्क में रहने का अच्छा माध्यम है. परंतु वह गुप्त नही है
सोश्यल नेटवर्किंग साइटें "गुप्त" नहीं होती है. ये खुली किताब की तरह हो सकती है परंतु उनके लिए जो लोगों की जानकारियाँ चुराना चाहते हैं. सोश्यल नेटवर्किंग साइटों पर अपनी प्रोफाइल बनाते समय अत्यंत निजी जानकारियों को गुप्त ही रखना हित होता है. एक साइबर विशेषज्ञ डेव वाईटलेग ने फेसबुक पर पोस्ट ना करने जैसी 10 जानकारियों के बारे में लिखा है. उनमें से हमने चुनी ऐसी 7 जानकारियाँ जो वाकई में गुप्त रखी जानी चाहिए.
जन्मस्थान और जन्मतिथि - फेसबुक तथा अन्य सोश्यल नेटवर्किंग साइटों पर प्रोफाइल बनाते समय यह जानकारी नहीं लिखनी चाहिए. क्योंकि अमूमन हम ईमेल खातों को बनाते समय गुप्त प्रश्न के जवाब में अपना जन्मस्थान ही चुनते हैं. इस तरह से अपने जन्मस्थान की जानकारी सार्वजनिक कर देने से आप ओनलाइन चोरी का शिकार हो सकते हैं.
अपनी माँ का नाम - अपनी परिवार के सदस्यों की जानकारी हो सके तो ना भरें. विशेष रूप से माँ का नाम, क्योंकि ईमेल खातों तथा अन्य स्थानों पर गुप्त प्रश्न बनाते समय जो एक सवाल आपसे पूछा जाता है वह यह भी होता है.
अपना पता - अपना वास्तविक पता सार्वजनिक ना करें. क्योंकि आप नहीं जानते कि कौन आपकी जानकारियाँ पढ रहाहै.
निजी तस्वीरें पोस्ट ना करें - अपने बच्चों की तथा अपने परिवार के निजी कार्यक्रमों की तस्वीरें पोस्टना करें (फेसबुक जैसी साइट पर आप अपने एल्बम को मात्र मित्रों के साथ साझा कर सकते हैं). हितावह यह है कि आप पिकासा या फ्लिकर जैसी साइटों पर तस्वीरें अपलोड करें जहाँ आप अपने फोल्डर को "प्राइवेट" रख सकते हैं (हालाँकि यह भी एकदम सुरक्षित तो नहीं है).
अपनी छुट्टी की जानकारी - फेसबुक जैसी साइट पर आप छुट्टियों में कितनेदिन शहर से बाहर जा रहे हैं और इस बीचघर पर कोई होगा कि नहीं यह जानकारी सार्वजनिक ना करें.
अभद्र भाषा - सोश्यल नेटवर्किंग साइटों पर किसी पर भी आरोप ना लगाएँ, अभद्र भाषा का उपयोग ना करें और मजाक में ही सही परंतु अपने किसी भी मित्र की तस्वीर पोस्ट ना करें. यह सब कानूनी रूप से आप के खिलाफ जा सकता है. स्विकारोक्ति - किसी बात को लेकर ग्लानी का अनुभव कर रहे हैं और लोगों के सामने उसे कबूल करना चाहते हैं?
सोश्यल नेटवर्किंग साइटें वह स्थान नहीं है. अपनी निजी बातों को इस तरह की साइटों पर ना लिखें. ये कुछ ऐसी बातें हैं जो आम तौर पर हमारे ध्यान से बाहर चली जाती है और इससे हमारी गोपनियता भंग हो सकती है. ध्यान रखिए सोश्यल नेटवर्किंग साइटें अपने मित्रों और परिवार के सदस्यों के साथ सम्पर्क में रहने का अच्छा माध्यम है. परंतु वह गुप्त नही है