Friday, April 13, 2012

Charge, Cap, Fag Staff, Hoist Rope, Fly... ये सारे शब्द राष्ट्रीय झंडों से जुडे हुए हैं.

Charge, Cap, Fag Staff, Hoist Rope, Fly... ये सारे शब्द राष्ट्रीय झंडों से जुडे हुए हैं. हर झंडे में एक चार्ज क्षैत्र होता है. इसके अलावा हर झंडे को कई अन्य क्षैत्रों के द्वारा चिह्नित भी किया जाता है. आइए जानें इनके बारे में.चार्ज का अर्थ होता है झंडे का मुख्य भाग, यानी कि वह भाग जिससे झंडे की त्वरित पहचान हो सके. हमारे राष्ट्रीय झंडे की बात करें तो इसमें तीन रंग की पट्टियाँ है केसरी, सफेद और हरा. परंतु ठीक इन्हीं रंगों और पैटर्न के तीन और राष्ट्रीय झंडे भीहैं इसलिए ये चार्ज क्षैत्र नहीं हो सकते. इसलिए हमारे राष्ट्रीय झंडे का चार्ज क्षैत्र है "अशोक चक्र'. कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि हमारे झंडे का मुख्य भाग है अशोक चक्र जो बाकी झंडों से उसको अलग करता है.इसके अलावा भी कई चिह्नित क्षैत्र होते हैं. झंडे को जिस स्तम्भ पर लगाया जाता है उसके शीर्ष भाग को Cap कहते हैं. स्तम्भ को Flag Staff कहते हैं. झंडे को हमेशा सीधा ही लगाया जाए इसके लिए ऊपर की तरह एक दट्टी लगाई जाती है जिसे Toggle कहते हैं. झंडे में लगने वाली रेशमी डोर को Hoist Rope कहते हैं. झंडे के स्तम्भ की तरफ रहने वाले अर्ध भाग को Hoist और स्तम्भ से दूर रहकर हवा में उडने वाले दूसरे अर्ध भागको Fly कहते हैं. Fly भाग को ही सलामी दी जाती है.सवाल यह है कि जब झंडे को सही तरह से ही लगाया जाए इसके लिए उसके ऊपरी भाग पर टोगल लगाई जाती है तो भी कई बार झंडा ऊल्टा क्यों फहरा दिया जाता है? जवाब सर्वविदित है. ऐसा मात्र दो वजहों से होता है - लापरवाही या जानबुझ कर की गई प्रवृति.